शेयर बाजार में १० लाख करोड़ की ‘दिवाली’! नए वित्त वर्ष के पहले दिन सेंसेक्स ११८७ अंक उछला, निवेशकों की चांदी

वित्त वर्ष २०२७ का पहला दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया। पिछले वित्त वर्ष के घाटे और हालिया गिरावट के दौर को पीछे छोड़ते हुए बुधवार को बाजार ने ऐसी रिकवरी दिखाई कि निवेशकों ने एक ही दिन में १० लाख करोड़ रुपये कमा लिए। वैश्विक स्तर पर युद्ध के बादल छंटने और सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों ने भारतीय सूचकांकों को रॉकेट बना दिया।

बाजार के आंकड़े: बुधवार को सेंसेक्स १,१८७ अंक (१.६५%) की बढ़त के साथ ७३,१३४.३२ के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी ३४८ अंक (१.५६%) चढ़कर २२,६७९.४० पर पहुंच गया। बीएसई (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप ४१२ लाख करोड़ से बढ़कर ४२२ लाख करोड़ रुपये हो गया। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी गई।

तेजी के पीछे की ५ बड़ी वजहें:

१. युद्ध विराम की संभावना: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगले २-३ हफ्तों में ईरान पर सैन्य हमले रुक सकते हैं। ईरान की ओर से भी शांति वार्ता की इच्छा जताए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद जगी है। २. वैल्यू बाइंग: मार्च महीने में निफ्टी में आई ११.३% की गिरावट के बाद कई ब्लू-चिप शेयर आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध थे। निवेशकों ने इस गिरावट का फायदा उठाते हुए जमकर खरीदारी की। ३. वैश्विक बाजारों में हरियाली: एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और कोरिया का कोस्पी शानदार बढ़त के साथ बंद हुए। अमेरिकी बाजार नैस्डैक में ४% की तेजी का असर भारतीय आईटी सेक्टर पर भी दिखा। ४. डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और १० साल की बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है, जो भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए विदेशी निवेश (FII) आने का शुभ संकेत है। ५. सेक्टोरल तेजी: पीएसयू बैंक और मीडिया इंडेक्स में ३.७% की बढ़त दर्ज की गई। मेटल और ऑटो सेक्टर भी २% से ज्यादा मजबूत हुए।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव पूरी तरह समाप्त होता है, तो बाजार में यह तेजी जारी रह सकती है। हालांकि, बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए विशेषज्ञों की सलाह पर ही निवेश करें।

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