१ अप्रैल से बदल गए डिजिटल पेमेंट के नियम! UPI और कार्ड पेमेंट पर RBI की नई गाइडलाइंस, अब धोखेबाजों की खैर नहीं

नए वित्त वर्ष यानी १ अप्रैल २०२६ से डिजिटल पेमेंट की दुनिया पूरी तरह बदल गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ को और सख्त कर दिया है। अब यूपीआई (UPI) या कार्ड से भुगतान करते समय केवल ओटीपी (OTP) काफी नहीं होगा, बल्कि सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत का सामना करना होगा।

क्या हैं प्रमुख बदलाव?

  • दोहरा सत्यापन: अब बड़े लेनदेन और विदेश पैसे भेजने के लिए ओटीपी के साथ-साथ पिन, पासवर्ड या बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) अनिवार्य होगा। छोटे भुगतानों को फिलहाल इससे छूट दी गई है।
  • UPI इस्तेमाल की सीमा: NPCI के नए नियमों के अनुसार, अब आप दिन में ५० से ज्यादा बार बैंक बैलेंस चेक नहीं कर पाएंगे। साथ ही, एक दिन में अधिकतम २५ बैंक खाते ही लिंक किए जा सकेंगे। लेनदेन सफल हुआ या नहीं, इसे ९० सेकंड के अंतराल पर केवल तीन बार ही ट्रैक किया जा सकेगा।
  • बैंकों के नए चार्जेस: HDFC जैसे कई प्रमुख बैंकों ने UPI लेनदेन पर मंथली लिमिट तय कर दी है। तय सीमा से अधिक पैसे भेजने पर प्रति ट्रांजैक्शन २३ रुपये और अतिरिक्त टैक्स देना होगा। एटीएम से पैसे निकालने पर भी नए शुल्क लागू हो सकते हैं।
  • EMI और सब्सक्रिप्शन: नेटफ्लिक्स या ईएमआई जैसे ऑटो-डेबिट अब सुबह १० बजे से पहले या रात ९:३० बजे के बाद ही कटेंगे। इसके अलावा, रुपे (Rupay) प्लैटिनम कार्ड पर मिलने वाली एयरपोर्ट और रेलवे लाउंज की सुविधाएं भी आज से बंद हो गई हैं।

RBI ने साफ किया है कि यदि बैंक की लापरवाही से कोई धोखाधड़ी होती है, तो बैंक को ही ग्राहक को मुआवजा देना होगा।

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