होली बीत गई, पर DA का इंतजार खत्म नहीं! जानें कब होगी घोषणा और कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी

केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए जनवरी २०२६ से देय महंगाई भत्ते (DA) की घोषणा का इंतजार लंबा होता जा रहा है। आमतौर पर मार्च के महीने तक केंद्र सरकार डीए बढ़ोतरी का ऐलान कर देती है, लेकिन इस बार अप्रैल की शुरुआत तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं आई है। इस देरी ने कर्मचारियों के बीच हलचल तेज कर दी है कि क्या सरकार किसी बड़े बदलाव या बड़े ऐलान की तैयारी में है?
देरी का कारण और विशेषज्ञों की राय: सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल के पहले सप्ताह में डीए बढ़ोतरी पर मुहर लग सकती है। जानकारों का कहना है कि यह देरी बहुत असामान्य नहीं है। जनवरी के डीए का निर्धारण अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आंकड़ों पर निर्भर करता है। आंकड़ों के विश्लेषण और कैबिनेट की मंजूरी की प्रक्रिया में कभी-कभी अधिक समय लग जाता है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार देरी की वजह आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और डीए के मूल वेतन में विलय की संभावना हो सकती है।
कितनी होगी बढ़ोतरी? अनुमानों के अनुसार, इस बार डीए में ३ से ४ प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। यदि यह बढ़ोतरी ३ प्रतिशत होती है, तो वर्तमान ५८ प्रतिशत से बढ़कर डीए सीधे ६० प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। श्रम मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नवंबर २०२५ में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक १४८.२ पर था। इसी सूचकांक के आधार पर सरकार साल में दो बार—जनवरी और जुलाई में—महंगाई भत्ते में संशोधन करती है।
आठवां वेतन आयोग और संरचनात्मक बदलाव: सातवें वेतन आयोग की अवधि ३१ दिसंबर २०२५ को समाप्त हो गई है। नियमतः १ जनवरी २०२६ से आठवां वेतन आयोग लागू हो जाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने अभी तक इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। जब डीए ५० प्रतिशत की सीमा को पार कर जाता है, तो उसे मूल वेतन (Basic Salary) में जोड़ने की परंपरा रही है। माना जा रहा है कि वेतन और भत्तों के इसी सामंजस्य के कारण सरकार समय ले रही है। भविष्य में मुद्रास्फीति गणना के तरीकों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
अर्थव्यवस्था पर प्रभाव: वित्तीय विशेषज्ञों ने केंद्र सरकार पर बढ़ते आर्थिक बोझ की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्र सरकार वेतन और पेंशन पर ५ लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है, जो जीडीपी का लगभग १.२ प्रतिशत है। ‘OneBanc’ के विभोर गोयल का सुझाव है कि डीए बढ़ोतरी को कर्मचारियों की कार्यक्षमता और दक्षता से जोड़ा जाना चाहिए। हालांकि, कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर यह है कि घोषणा में देरी होने के बावजूद उन्हें जनवरी से अब तक का पूरा एरियर (Arrear) दिया जाएगा।