क्या चुनाव के कारण रुक जाएगा ‘लक्ष्मी भंडार’ का पैसा? अप्रैल की किस्त को लेकर महिलाओं में भारी सस्पेंस!

पश्चिम बंगाल की ममता सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी और महिलाओं के बीच बेहद लोकप्रिय ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना को लेकर नई अटकलें शुरू हो गई हैं। चुनावी मौसम में राज्य में लागू आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) के चलते ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल महीने की किस्त का वितरण फिलहाल टाला जा सकता है। प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि चुनाव के नतीजे आने तक लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसे नहीं भेजे जाएंगे। हालांकि, अभी तक इस पर कोई आधिकारिक सरकारी आदेश या मुख्यमंत्री का बयान सामने नहीं आया है।

‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत सामान्य श्रेणी की महिलाओं को ५०० रुपये और एससी/एसटी (SC/ST) वर्ग की महिलाओं को १,००० रुपये की मासिक वित्तीय सहायता दी जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। नियमतः, चुनाव के दौरान चुनाव आयोग किसी भी तरह के सीधे नकद हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer) पर कड़ी नजर रखता है, ताकि मतदाताओं को लुभाने की कोशिश न हो सके। इसी तकनीकी कारण से माना जा रहा है कि अप्रैल की किस्त में देरी हो सकती है।

इस अनिश्चितता के बीच, लाभार्थी महिलाएं ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपना पेमेंट स्टेटस चेक कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी ‘एप्लिकेशन आईडी’ और पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन के बाद वे जान पाएंगी कि उनके भुगतान की स्थिति क्या है। हालांकि, राज्य सरकार के सूत्रों का कहना है कि वे चुनाव आयोग से अनुमति लेने की कोशिश कर रहे हैं ताकि नियमित कल्याणकारी योजनाओं में कोई बाधा न आए। फिलहाल, करोड़ों महिलाएं इस उलझन में हैं कि क्या इस महीने उनकी रसोई का बजट प्रभावित होगा।

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