पश्चिम एशिया संकट का असर! उद्योगों को बचाने के लिए पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर सीमा शुल्क खत्म

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में पैदा हुए व्यवधानों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देने और उद्योगों को सुचारू रूप से चलाने के लिए वित्त मंत्रालय ने कई महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात पर सीमा शुल्क (Customs Duty) पूरी तरह से माफ कर दिया है।

৩০ जून तक मिलेगी राहत: गुरुवार को वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह छूट आगामी ৩০ जून तक प्रभावी रहेगी। सरकार का मानना है कि यह एक अस्थायी कदम है ताकि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बीच देश के भीतर कच्चे माल की कमी न हो और उत्पादन लागत को नियंत्रित रखा जा सके।

इन उत्पादों और उद्योगों को होगा फायदा: शुल्क माफी की सूची में एनहाइड्रस अमोनिया, मेथनॉल, टोल्यूनि, स्टाइरीन, विनाइल क्लोराइड मोनोमर और एसिटिक एसिड जैसे महत्वपूर्ण रसायन शामिल हैं। इसके अलावा पॉलीथीन, पॉलीप्रोपाइलीन और पीवीसी जैसे पॉलिमर भी इस दायरे में आएंगे। इससे सीधे तौर पर निम्नलिखित क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी:

  • प्लास्टिक और पैकेजिंग उद्योग
  • फार्मास्युटिकल और रसायन क्षेत्र
  • कपड़ा (टेक्सटाइल) और ऑटोमोबाइल पार्ट्स

तेल की कीमतों में ५০% की वृद्धि: ২৮ फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें करीब ৫০ प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। इस स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में ১০ रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। वर्तमान में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क मात्र ३ रुपये है, जबकि डीजल पर यह शून्य है। इन फैसलों के जरिए केंद्र सरकार देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने का प्रयास कर रही है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *