वर्ल्ड इकोनॉमी पर मंडराया काला साया! होर्मुज जलडमरूमध्य खुलवाने के लिए ब्रिटेन की इमरजेंसी मीटिंग, भारत भी शामिल

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी भीषण युद्ध ने वैश्विक व्यापार की जीवन रेखा मानी जाने वाली ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) पर ताला लगा दिया है। दुनिया की अर्थव्यवस्था को इस महासंकट से निकालने के लिए यूनाइटेड किंगडम (UK) ने एक बड़ी पहल की है। ब्रिटेन ने दुनिया के 35 प्रमुख देशों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है, जिसमें भारत को भी शामिल होने का न्योता दिया गया है।

भारत की अहम भागीदारी: भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की है कि भारत इस महत्वपूर्ण चर्चा का हिस्सा बनेगा। गुरुवार शाम को आयोजित होने वाली इस वर्चुअल मीटिंग में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व्यापार को देखते हुए भारत का इस बैठक में शामिल होना काफी अहम माना जा रहा है।

क्यों बंद है होर्मुज जलडमरूमध्य? फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने इस जलमार्ग को अवरुद्ध कर दिया था। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इसके बंद होने से वैश्विक बाजारों में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। ब्रिटिश विदेश सचिव यवेट कूपर इस बैठक की अध्यक्षता कर रही हैं, जिसमें फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और यूएई जैसे देश शामिल हो रहे हैं। हालांकि, अमेरिका इस बैठक से दूरी बनाए हुए है।

ट्रंप की दो-टूक और ब्रिटेन की कोशिश: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि जो देश इस रास्ते पर निर्भर हैं, उन्हें ही इसकी सुरक्षा और इसे खुलवाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। ट्रंप के इस रुख के बाद ब्रिटेन ने कूटनीतिक मोर्चा संभाला है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारर का मानना है कि इस रास्ते को फिर से शुरू करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक, दोनों तरह के तालमेल की आवश्यकता होगी। 35 देशों का यह मंच अब ईरान पर कूटनीतिक दबाव बनाने की रणनीति तैयार कर रहा है ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति को फिर से बहाल किया जा सके।

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