इंडस्ट्रियल डीजल हुआ १३७ रुपये के पार! कच्चे तेल की कीमतों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और युद्ध की स्थिति का सीधा असर अब भारत में ईंधन की कीमतों पर दिखने लगा है। प्रीमियम पेट्रोल के बाद अब औद्योगिक क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले डीजल (Bulk Diesel) की कीमतों में २५ प्रतिशत से अधिक की भारी बढ़ोतरी की गई है। सरकारी तेल कंपनियों के ताजा फैसले के बाद अब इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत १३७.८१ रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जो पहले की तुलना में लगभग २८ रुपये अधिक है।
तेल कंपनियों का तर्क है कि मध्य पूर्व में युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें १०८ डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। यही मुख्य कारण है कि उन्हें बल्क डीजल और फर्नेस ऑयल की कीमतों में इजाफा करना पड़ा। फर्नेस ऑयल की कीमत में भी करीब २४ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। गौरतलब है कि मार्च महीने में भी इंडस्ट्रियल डीजल के दाम २२ रुपये बढ़ाए गए थे, जिससे इसकी कीमत १०९.५९ रुपये हो गई थी।
हालांकि, राहत की बात यह है कि आम जनता के लिए पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों (Retail Prices) में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उद्योगों के लिए ईंधन महंगा होता है, तो मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ेगी। इसका असर धीरे-धीरे बाजार में मिलने वाली अन्य वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे आने वाले समय में महंगाई बढ़ सकती है।