₹२० की हुई पानी की बोतल! प्लास्टिक और पैकेजिंग की बढ़ती कीमतों से मचा हड़कंप

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का खामियाजा अब पूरी दुनिया को भुगतना पड़ रहा है। कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों ने न केवल पेट्रोल-डीजल को महंगा किया है, बल्कि अब इसका सीधा असर आपके पीने के पानी पर भी पड़ने लगा है। पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर सेक्टर इस समय बड़े संकट से गुजर रहा है, जिसके चलते दिग्गज कंपनियों ने कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है।
भारत के सबसे लोकप्रिय ब्रांड बिस्लेरी (Bisleri) ने पानी की कीमतों में ११ रुपये तक की वृद्धि की है। अब एक लीटर की १२ बोतलों के पैक के लिए ग्राहकों को २४ रुपये अतिरिक्त देने होंगे। बिस्लेरी के सीईओ एंजेलो जॉर्ज के अनुसार, पैकेजिंग सामग्री की लागत पिछले दो हफ्तों में ७०% से अधिक बढ़ गई है, जिसके कारण पानी की बोतल की कीमत २० रुपये प्रति लीटर करनी पड़ी है। बिस्लेरी के अलावा बेली (Bailley) और क्लियर प्रीमियम वाटर जैसे ब्रांड्स ने भी दाम बढ़ाने का संकेत दे दिया है।
पानी की कीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण प्लास्टिक उत्पादन में लगने वाली लागत है। प्लास्टिक की बोतलें बनाने के लिए ‘पीईटी रेजिन पेलेट्स’ का उपयोग किया जाता है, जो पूरी तरह कच्चे तेल पर निर्भर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत ११९ डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जिससे प्लास्टिक महंगा हो गया है। इसका असर केवल पानी पर ही नहीं, बल्कि दवाओं, कॉस्मेटिक्स और फूड डिलीवरी जैसे हर उस क्षेत्र पर पड़ेगा जहां प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है। सर्वे के अनुसार, भारत के शहरी और ग्रामीण इलाकों का एक बड़ा हिस्सा पीने के पानी के लिए इन बोतलों पर निर्भर है, ऐसे में यह महंगाई आम जनता की जेब पर भारी पड़ने वाली है।