५ परिवारों के पास आधी भारतीय दौलत! ६ साल में ४००% बढ़ी अमीरों की संपत्ति, मात्र २% टैक्स से बदल सकता था भारत

भारत में अमीर और गरीब के बीच की खाई अब एक भयानक रूप ले चुकी है। ‘Wealth Tracker India 2026’ की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, २०१९ से २०२५ के बीच देश के शीर्ष पांच परिवारों की संपत्ति में ४०० प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। जहां देश की १४० करोड़ आबादी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, वहीं मुकुल अंबानी, गौतम अदानी, सावित्री जिंदल, सुनील मित्तल और शिव नाडर जैसे पांच परिवारों की संपत्ति आसमान छू रही है।
अदानी-अंबानी की संपत्ति का गणित रिपोर्ट बताती है कि पिछले छह वर्षों में मुकुल अंबानी की संपत्ति १५३ प्रतिशत और गौतम अदानी की संपत्ति ६२५ प्रतिशत बढ़ी है। देश के केवल १,६८८ लोगों के पास कुल १६६ लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है, जो भारत की कुल जीडीपी (GDP) का लगभग ५० प्रतिशत है। इसके विपरीत, देश की ५० प्रतिशत सबसे गरीब आबादी के पास देश की कुल संपत्ति का केवल ६.४ प्रतिशत हिस्सा ही बचा है।
मात्र २% टैक्स और क्रांतिकारी बदलाव विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन अरबपतियों पर केवल २ प्रतिशत का ‘वेल्थ टैक्स’ लगाया जाता, तो देश की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती थी:
- मुकेश अंबानी पर २% टैक्स: इससे देश के हर १०वीं कक्षा के छात्र को ३ साल तक मुफ्त लैपटॉप दिया जा सकता था या २.५८ करोड़ महिलाओं को २ साल तक १८,००० रुपये प्रति माह दिए जा सकते थे।
- गौतम अदानी पर २% टैक्स: इस राशि से पूरे भारत को २ साल तक मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा मिल सकती थी।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सरकार ने पिछले ११ वर्षों में बड़े कॉरपोरेट्स का १९.६ लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया है। आज एक आम आदमी कॉरपोरेट जगत से अधिक टैक्स दे रहा है, फिर भी बुजुर्गों को पेंशन के नाम पर केवल २०० रुपये मिलते हैं, जबकि सही टैक्स प्रणाली से इसे १२,००० रुपये तक बढ़ाया जा सकता था।