EMI में नहीं मिली राहत! RBI ने रेपो रेट को रखा स्थिर, घर खरीदने वालों की उम्मीदों पर फिरा पानी?

आज देशभर के घर खरीदारों और होम लोन चुका रहे ग्राहकों की नजरें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के फैसले पर टिकी थीं। मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी जो दर पहले थी, वही बरकरार रहेगी। इसका सीधा मतलब यह है कि बैंकों को RBI से मिलने वाले कर्ज की लागत स्थिर रहेगी, जिससे ग्राहकों को ब्याज दरों में कटौती की जो उम्मीद थी, वह फिलहाल पूरी नहीं हुई है।
EMI का गणित और आम आदमी: साल 2025 में RBI ने कई बार रेपो रेट घटाकर होम लोन धारकों को बड़ी राहत दी थी, जिससे EMI का बोझ कम हुआ था। इसी वजह से इस बार भी बाजार को बड़ी उम्मीदें थीं। अगर आपने फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लिया हुआ है, तो आपकी EMI में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। न तो आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और न ही कोई बचत होगी। यानी मध्यम वर्ग के लिए यह ‘यथास्थिति’ (Status Quo) वाला फैसला है।
नया घर खरीदने वालों के लिए क्या? जो लोग नया आशियाना तलाश रहे हैं, उनके लिए स्थिति मिली-जुली है। लोन सस्ता नहीं हुआ है, लेकिन अच्छी बात यह है कि ब्याज दरें बहुत ऊंचे स्तर पर भी नहीं हैं। इसे एक उदाहरण से समझें: मान लीजिए आपने 50 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए लिया है। अगर ब्याज दर घटती है, तो कुल ब्याज में लाखों की बचत होती है। चूंकि रेट स्थिर हैं, इसलिए बचत का मौका तो नहीं मिला, लेकिन किस्त बढ़ने का डर भी खत्म हो गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला? RBI फिलहाल जल्दबाजी में कोई कदम उठाकर महंगाई को अनियंत्रित नहीं करना चाहता। वह यह सुनिश्चित करना चाहता है कि पिछले साल की गई कटौती का लाभ पूरी तरह ग्राहकों तक पहुंचे। आर्थिक स्थिति, वैश्विक अनिश्चितता और महंगाई के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए ही भविष्य के कदम तय किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा स्थिर दरों का लाभ उठाकर अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार फैसला ले सकते हैं।