9 तारीख को आई थी लाडली, 9 को ही छिना सुहाग! नामांकन भरते हुए रो पड़ीं ‘अभया’ की मां

आज 9 अप्रैल को पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र में एक अलग ही लहर देखने को मिली। आरजी कर कांड की पीड़िता ‘अभया’ की मां और पानीहाटी से भाजपा उम्मीदवार रत्ना देवनाथ आज अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए घर से निकलीं। उनके साथ उनके पति और भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बिप्लब देव की उपस्थिति ने इस चुनावी मुकाबले को और भी हाई-प्रोफाइल बना दिया है।
नामांकन के लिए 9 तारीख को ही क्यों चुना? इस सवाल पर रत्ना देवनाथ भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “एक 9 तारीख को ही मेरी बेटी मेरी जिंदगी में आई थी, मुझे लगा था पूरी दुनिया मिल गई। लेकिन फिर एक 9 तारीख को ही उसे मुझसे छीन लिया गया। इसलिए मैंने अपनी इस लड़ाई की शुरुआत के लिए इसी दिन को चुना है।”
चुनाव प्रचार के दौरान उन पर हुए हमलों को लेकर उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्मल घोष और संजीव मुखर्जी की ‘थ्रेट कल्चर’ वाहिनी ने उन्हें मारने की कोशिश की, उन पर थूका गया और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा, “मैं इन धमकियों से पीछे हटने वाली नहीं हूं।” टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष के ‘बाहरी’ होने के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसा कह रहे हैं, वे आकर मेरे साथ मौजूद लोगों के आधार कार्ड चेक कर लें।
रत्না देवनाथ ने कहा कि टीएमसी उनसे डर गई है, इसलिए आरजी कर की घटना के दौरान सबूत मिटाने के लिए इमारतों में तोड़फोड़ की गई थी। नामांकन से पहले उन्होंने स्मृति ईरानी के साथ पूजा-अर्चना की और संकल्प लिया कि वे अपनी बेटी के लिए न्याय और पश्चिम बंगाल से ‘थ्रेट कल्चर’ के खात्मे तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।