“दोषियों को सजा मिले, पर कामगारों का क्या?” ‘चिरसखा’ के कलाकारों ने बयां किया अपना दर्द

अभिनेता राहुल अरुणोदय बनर्जी की रहस्यमयी मौत ने बंगाली टेलीविजन इंडस्ट्री में बड़ा भूचाल ला दिया है। प्रोडक्शन हाउस ‘मैजिक मोमेंट्स’ को इंडस्ट्री द्वारा ‘बॉयकॉट’ किए जाने के बाद ‘चिरसखा’ और ‘कोने देखा आलो’ जैसे धारावाहिकों का प्रसारण बंद होने की कगार पर है। इस फैसले से उन कलाकारों और तकनीशियनों में भारी आक्रोश है, जिनका घर इसी प्रोडक्शन हाउस से चलता था। बुधवार शाम को प्रसेनजीत चटर्जी (बूमबा दा) की मौजूदगी में आर्टिस्ट फोरम और फेडरेशन के बीच एक हाई-वोल्टेज मीटिंग हुई।

अभिनेता विवान घोष ने इस संकट पर आवाज उठाते हुए कहा, “जो दोषी हैं उन्हें सजा मिलनी चाहिए, लेकिन उन सैकड़ों लोगों का क्या होगा जिनका परिवार इस संस्था पर निर्भर है?” 19-20 साल से इस प्रोडक्शन हाउस से जुड़े तकनीशियन रातों-रात बेरोजगार हो गए हैं। इस अनिश्चितता को दूर करने के लिए सुदीप मुखर्जी, बिदिप्ता चक्रवर्ती और राजा गोस्वामी जैसे सितारों ने प्रसेनजीत चटर्जी से मुलाकात की।

मीटिंग के बाद प्रसेनजीत चटर्जी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “हमारा मुख्य सवाल यह है कि घटना कैसे हुई? यह बताने में इतना समय क्यों लग रहा है?” हालांकि, उन्होंने तकनीशियनों को आश्वासन दिया है कि फोरम उनके भविष्य के बारे में विचार करेगा। फिलहाल, जब तक जांच पूरी नहीं होती और राहुल की मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आता, तब तक ‘मैजिक मोमेंट्स’ को पूरी तरह से प्रतिबंधित रखने का फैसला लिया गया है। इस विवाद ने टॉलीवुड के भीतर सुरक्षा और जवाबदेही के मुद्दों को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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