“मां को भी नहीं पता था, बहन से रिश्ते ठीक नहीं!” कस्तूरी के BJP जॉइन करने पर भड़कीं दीदी वसुंधरा
बंगाल की राजनीति में ‘गोस्वामी परिवार’ का विभाजन अब सड़क से घर तक पहुँच गया है। दिग्गज वामपंथी नेता दिवंगत क्षिति गोस्वामी की छोटी बेटी कस्तूरी गोस्वामी के भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी बड़ी बहन और तृणमूल कांग्रेस पार्षद वसुंधरा गोस्वामी ने चुप्पी तोड़ी है। वसुंधरा के बयानों ने साफ कर दिया है कि राजनीति ने सगी बहनों के बीच की खाई को और गहरा कर दिया है।
वसुंधरा गोस्वामी ने मीडिया से बात करते हुए साफ तौर पर कहा कि उन्हें या उनकी मां को कस्तूरी के इस फैसले की कोई भनक तक नहीं थी। उन्होंने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा, “हम सगी बहनें जरूर हैं, लेकिन हमारे बीच कोई बातचीत या अच्छे संबंध नहीं हैं। इसलिए इस फैसले पर चर्चा का सवाल ही नहीं उठता।” वसुंधरा ने इसे कस्तूरी का व्यक्तिगत निर्णय बताते हुए मामले से खुद को अलग कर लिया।
वहीं दूसरी ओर, कस्तूरी गोस्वामी ने भाजपा का दामन थामते ही अपने पिता के सिद्धांतों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता हमेशा अन्याय के खिलाफ खड़े रहे और आज बंगाल में विरोध जताने के लिए भाजपा ही एकमात्र सशक्त माध्यम है। कस्तूरी ने कहा, “मैं अपने पिता की ही उत्तराधिकारी हूँ, क्योंकि वह भी सत्ता की गलतियों पर आवाज उठाते थे।” अब एक ही परिवार में तृणमूल और भाजपा के झंडे एक साथ लहरा रहे हैं, जिसने बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चर्चा गरम कर दी है।