बंगाली सिनेमा पर लगा ग्रहण! ‘प्रिया’ और ‘बिनोदिनी’ जैसे मशहूर सिनेमाघरों में लटका ताला, दर्शक गायब!

बंगाली फिल्म उद्योग (टॉलीवुड) इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। कंटेंट की कमी और दर्शकों की बेरुखी के कारण कोलकाता के कई ऐतिहासिक सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर एक-एक कर बंद हो रहे हैं। शहर का प्रतिष्ठित ‘प्रिया सिनेमा’ बुधवार से बंद कर दिया गया है, जबकि ‘बिनोदिनी थिएटर’ में मंगलवार से ही ताला लगा हुआ है। नबीना और अशोका जैसे सिनेमाघरों की स्थिति भी बेहद नाजुक बनी हुई है।

घाटे का सौदा बना सिनेमाहॉल प्रिया सिनेमा के मालिक के अनुसार, हॉल चलाना अब जेब से पैसे भरने जैसा हो गया है। पूरे दिन में टिकटों की बिक्री ₹10,000 भी नहीं पहुंच रही, जबकि बिजली, एसी और रखरखाव का खर्च ही इससे कहीं ज्यादा है। हाल ही में रिलीज हुई बंगाली फिल्में जैसे ‘मन माने ना’ और ‘खांचा’ दर्शकों को खींचने में पूरी तरह नाकाम रही हैं।

क्यों आई यह नौबत? सिनेमाघर मालिकों का कहना है कि निर्माता अपनी बड़ी फिल्में केवल छुट्टियों या त्योहारों के समय ही रिलीज करना चाहते हैं। फिलहाल परीक्षाओं का सीजन है और चुनाव की आहट भी है, इसलिए कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहता। नतीजा यह है कि हॉल खाली पड़े हैं। इसके अलावा, हिंदी फिल्मों के डिस्ट्रीब्यूटर्स भी सिंगल स्क्रीन्स को पर्याप्त शो नहीं दे रहे हैं, जिससे संकट और गहरा गया है।

जानकारों का मानना है कि अगर बंगाली सिनेमा में जल्द ही अच्छी और मनोरंजक फिल्में नहीं आईं, तो कोलकाता की संस्कृति का हिस्सा रहे ये सिंगल स्क्रीन हमेशा के लिए इतिहास बन जाएंगे।

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