‘आरोपी और जज एक ही सीट पर!’ अमित शाह की ‘चार्जशीट’ पर ब्रात्य बसु का तीखा प्रहार, बंगाल में सियासी घमासान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता दौरे के साथ ही बंगाल की राजनीति में उबाल आ गया है। जहाँ एक तरफ भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए ‘चार्जशीट’ नामक जनसभा का आयोजन किया है, वहीं दूसरी ओर टीएमसी नेता ब्रात्य बसु ने शाह पर करारा हमला बोला है। दमदम से टीएमसी उम्मीदवार ब्रात्य बसु ने तंज कसते हुए कहा, “जब जज और अपराधी एक ही बेंच पर बैठते हैं, तो कौन किससे चार्जशीट मांगेगा?”
ब्रात्य बसु ने शेक्सपियर के नाटक ‘जूलियस सीजर’ का उदाहरण देते हुए अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शाह बंगाल में आकर टीएमसी को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनका अपना मंत्रालय रिपोर्ट दे रहा है कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान महिला सुरक्षा के मामले में देश में सबसे फिसड्डी हैं। बसु ने तीखे सवाल पूछते हुए कहा, “मणिपुर की हिंसा पर शाह चुप क्यों हैं? बृजभूषण शरण सिंह के मुद्दे पर भाजपा कुछ क्यों नहीं कहती?”
भ्रष्टाचार के आरोपों के जवाब में बसु ने केंद्र सरकार पर बंगाल का हक मारने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने बंगाल का करीब 2 लाख करोड़ रुपया रोक रखा है। ‘जल जीवन मिशन’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का पैसा महाराष्ट्र जैसे राज्यों को मिल रहा है, लेकिन बंगाल को वंचित रखा जा रहा है। ब्रात्य बसु के अनुसार, “बंगाली मनीषियों का अपमान करके और यहां के लोगों का अधिकार छीनकर भाजपा बंगाल पर कब्जा करना चाहती है, जो कभी सफल नहीं होगा।”
अमित शाह की मौजूदगी में बंगाल भाजपा ने जहां टीएमसी के खिलाफ मोर्चा खोला है, वहीं ब्रात्य बसु के इन बयानों ने लड़ाई को और भी आक्रामक बना दिया है। बसु ने स्पष्ट किया कि भाजपा यहां लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने आई है और असल ‘चार्जशीट’ तो जनता भाजपा के खिलाफ तैयार कर रही है। शाह के दौरे के बीच यह जुबानी जंग 2026 के विधानसभा चुनाव की आहट को और तेज कर रही है।