ममता सरकार का चुनावी मास्टरस्ट्रोक! अप्रैल में दो बार आया लक्ष्मी भंडार का पैसा, महिलाओं की हुई चांदी

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच ममता बनर्जी सरकार ने राज्यवासियों को बड़ा सरप्राइज दिया है। राज्य की सबसे चर्चित योजना ‘लक्ष्मी भंडार’ के लाभार्थियों के खाते में अप्रैल महीने में दो बार पैसे ट्रांसफर किए गए हैं। इस खबर के फैलते ही महिलाओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है, वहीं राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या चुनाव से पहले ममता सरकार ने भत्ते की राशि में एक बार फिर चुपके से बढ़ोतरी कर दी है।

जानकारी के अनुसार, अप्रैल महीने में लाभार्थियों को पहली बार १००० रुपये और दूसरी बार ५०० रुपये की किस्त मिली है। वर्तमान में, सामान्य वर्ग की महिलाओं को १५०० रुपये और अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाओं को १७०० रुपये मिल रहे हैं। हालांकि, महीने में दो बार पैसा आने के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार अब भुगतान के तरीके में बदलाव कर रही है या फिर विपक्षी दल बीजेपी की ‘अन्नपूर्णा योजना’ (३००० रुपये प्रति माह) का मुकाबला करने के लिए लक्ष्मी भंडार की राशि को और बढ़ा सकती है।

सिर्फ महिलाएं ही नहीं, ममता सरकार ने इस बार बेरोजगार युवाओं के लिए भी ‘युवासाथी’ नाम से एक नया भत्ता शुरू किया है। कन्याश्री, रूपाश्री और युवश्री जैसी योजनाओं के साथ अब युवाओं को भी आर्थिक मदद दी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी के लोकलुभावन वादों को बेअसर करने के लिए तृणमूल सरकार ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं की रफ्तार दोगुनी कर दी है।

हालांकि, सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर भत्ता और बढ़ाने की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन बैंक खातों में आई इस ‘दोहरी खुशी’ ने चुनाव से पहले माहौल गर्मा दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या यह केवल तकनीकी बदलाव है या फिर ममता सरकार की ओर से कोई बड़ा चुनावी धमाका होने वाला है।

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