नोएडा में लगातार दूसरे दिन बवाल! पुलिस पर पथराव, सेक्टर ८० बना रणक्षेत्र; STF करेगी पूरी साजिश की जांच

न्यूनतम वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मंगलवार को एक बार फिर नोएडा का सेक्टर ८० इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारी मज़दूरों और पुलिस के बीच जमकर संघर्ष हुआ, जिसमें पुलिस पर भारी पथराव किया गया। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ दिया और पूरे इलाके को खाली करा लिया। मज़दूरों की मुख्य मांग है कि उनका न्यूनतम मासिक वेतन २०,००० रुपये किया जाए। उनका आरोप है कि कंपनियां वेतन वृद्धि से बचने के लिए ९ महीने में ही छंटनी कर देती हैं और अप्रेंटिस की मजदूरी ९० रुपये से घटाकर ५० रुपये कर दी गई है।

हिंसा के इस मामले में पुलिस ने अब तक ७ एफआईआर दर्ज की हैं और ३०० से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। इलाके में शांति बहाली के लिए आरआरएफ (RRF), रैफ (RAF) और पीएसी की १५ कंपनियां तैनात की गई हैं। चप्पे-चप्पे पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है और लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है। यूपी के डीजीपी और एडीजी स्तर के अधिकारी खुद ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं।

इस आंदोलन की आंच डिजिटल दुनिया तक भी पहुंच गई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में दो एक्स (X) हैंडल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच में पिछले २४ घंटों में बने ५० से अधिक ‘बॉट अकाउंट्स’ (Bot Accounts) की पहचान की गई है जो सुनियोजित तरीके से भ्रम फैला रहे थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम की जांच एसटीएफ (STF) को सौंप दी है। डीजीपी ने सख्त लहजे में कहा है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी और नुकसान की भरपाई आरोपियों से ही की जाएगी।

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