बंगाल चुनाव: संवेदनशील इलाकों में रूट मार्च का आदेश! केंद्रीय बलों के साथ सड़कों पर उतरेंगे जिला कलेक्टर और एसपी

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान से ठीक पहले चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने राज्य के सभी संवेदनशील और अशांति की आशंका वाले इलाकों में रूट मार्च करने का आदेश दिया है। जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को अगले २-३ दिनों के भीतर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ इन क्षेत्रों में फ्लैग मार्च करने को कहा गया है ताकि आम जनता के मन से चुनावी हिंसा का डर निकाला जा सके।

आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, जिन इलाकों में पहले चुनावी हिंसा हुई थी, वहां मतदान का प्रतिशत कम रहता है। इस चुनौती से निपटने के लिए आयोग ने हिंसा प्रभावित पुराने क्षेत्रों को विशेष रूप से चिह्नित किया है। इन इलाकों में रूट मार्च का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं के बीच विश्वास जगाना और उन्हें बिना किसी डर के मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस बार आयोग ने अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। निर्देश के अनुसार, DM और SP को खुद मौके पर मौजूद रहकर रूट मार्च की निगरानी करनी होगी। यही नहीं, रूट मार्च पूरा होने के बाद इसकी विस्तृत ‘अनुपालन रिपोर्ट’ (Compliance Report) चुनाव आयोग को भेजनी अनिवार्य होगी। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने की दिशा में प्रशासन के इस कदम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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