स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए बड़ी खबर! चुनाव के नतीजों के बाद क्या मिलेगा लंबा ब्रेक?

पश्चिम बंगाल सहित देश के कई हिस्सों में अप्रैल के महीने में ही पारा ४० डिग्री के पार जाने लगा है। इस भीषण तपिश के बीच स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों की सेहत को लेकर माता-पिता काफी चिंतित हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या राज्य सरकार इस साल गर्मी की छुट्टियों को समय से पहले लागू करेगी? हालांकि, शिक्षा विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की है, लेकिन जानकारों का मानना है कि चुनाव के नतीजों के तुरंत बाद स्कूलों में लंबी छुट्टियों का ऐलान किया जा सकता है।
अप्रैल का यह महीना छात्रों के लिए राहत और छुट्टियों का संगम लेकर आया है। बंगाली नववर्ष (पोइला बैशाख) और डॉ. बी.आर. अंबेडकर जयंती के कारण पहले ही कई छुट्टियां मिल चुकी हैं। गुड फ्राइडे के बाद मिले लॉन्ग वीकेंड ने बच्चों को पढ़ाई के बोझ से थोड़ी राहत दी है। रिपोर्ट के अनुसार, १५ अप्रैल को हिमाचल दिवस और १७ अप्रैल को चंद्रशेखर जयंती जैसे क्षेत्रीय त्योहारों के कारण भी कई हिस्सों में स्कूल बंद रहेंगे। यदि कोई बीच के कार्य दिवसों पर अवकाश लेता है, तो उसे एक लंबा अवकाश मिल सकता है।
पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ वर्षों का इतिहास देखें तो गर्मी का प्रकोप बढ़ने पर सरकार अक्सर छुट्टियों को प्रीपोन (एप्रैंल के अंत या मई की शुरुआत में) कर देती है। वर्तमान शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, २०२६ की मुख्य गर्मी की छुट्टियां मई के मध्य से शुरू होकर ३० से ४५ दिनों तक चलने वाली हैं। लेकिन जिस तरह से अप्रैल में ही लू (Loo) का सितम शुरू हो गया है, उसे देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव या समय से पहले छुट्टी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें मौसम विभाग और शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।